Latest News Update

मकर संक्रांति 2017 पूजा मुहर्त निबन्ध कविता और तिल से बनी खास मिठाइयाँ

मकर संक्रांति का दिन मकर संक्रांति के बारे में  मकर संक्रांति पर पतंग बाज़ी  Makar Sankranti celebration  Makar Sankranti Essay in hindi  Makar Sankranti slogen in hindi  Makar Sankranti pooja time  Makar Sankranti pooja vidhi  Makar Sankranti  मकर संक्रांति मकर संक्रांति 2017  मकर संक्रांति क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति का महत्व  मकर संक्रांति  किसे  कहते हैं  |

मकर संक्रांति 2017 – Makar Sankranti 2017

मकर संक्रांति का त्यौहार हमारे लिए बहुत हि ख़ुशी का दिन हैं | भारत में मकर संक्रांति हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को मनाई जाती हैं लैकिन इस बार 14 जनवरी को हि मनाई जाएगी | मकर संक्रांति को भारत में राजस्थान के आलावा बिहार में इसे बिहू Bihu के नाम से और तमिलनाडू में पोंगल pongal तथा पंजाब हरियाणा में लोहड़ी के नाम से जाना जाता हैं | मकर संक्रांति की प्रमुख मान्यता यह हैं की 14 जनवरी या इसके आसपास सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता हैं इसलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है और सूर्य धीरे धीरे उतर दिशा की तरफ बढ़ना शरू करता हैं मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य करने का विधान है, मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और मनुष्य के पुण्य कर्मों में वृद्धि होती है। मकर संक्रांति पर विशेषकर भारत में पतंग उड़ाने की परम्परा हैं | बच्चे और बड़े बूढ़े सब मकर संक्रांति को पुरे दिन पतंग उड़ाके आनंद लेते हैं | 14 जनवरी 2017 के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। उत्तर भारत में यह पर्व ‘मकर सक्रान्ति के नाम से और गुजरात में ‘उत्तरायण’ नाम से जाना जाता है। मकर संक्रान्ति को पंजाब में लोहडी पर्व, उतराखंड में उतरायणी, गुजरात में उत्तरायण, केरल में पोंगल, गढवाल में खिचडी संक्रान्ति के नाम से मनाया जाता है।

मकर संक्रांति क्यों मनाते हैं – Why Celebrate Makar Sankranti 2017

Makar Sankranti 2017 Nibandh Kavita Sweets

मकर संक्रान्ति भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष जनवरी के महीने में समस्त भारत में मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है, जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। परम्परा से यह विश्वास किया जाता है कि इसी दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। गुड़–तिल, रेवड़ी, गजक का प्रसाद बाँटा जाता है। इस त्यौहार का सम्बन्ध प्रकृति, ऋतु परिवर्तन और कृषि से है। ये तीनों चीज़ें ही जीवन का आधार हैं। प्रकृति के कारक के तौर पर इस पर्व में सूर्य देव को पूजा जाता है, जिन्हें शास्त्रों में भौतिक एवं अभौतिक तत्वों की आत्मा कहा गया है। इन्हीं की स्थिति के अनुसार ऋतु परिवर्तन होता है और धरती अनाज उत्पन्न करती है, जिससे जीव समुदाय का भरण-पोषण होता है। यह एक अति महत्त्वपूर्ण धार्मिक कृत्य एवं उत्सव है।

मकर संक्रांति का महत्व – Makar Sankranti importance

हमारे हिंदू धर्म में माह को दो भागों में बाँटा है- कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। इसी तरह वर्ष को भी दो भागों में बाँटा गया है। पहला उत्तरायण और दूसरा दक्षिणायन। दोनों को मिलाकर एक वर्ष होता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करने की दिशा बदलते हुए थोड़ा उत्तर की ओर ढलता जाता है, इसलिए इस काल को उत्तरायण कहते हैं।
सूर्य पर आधारित हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का बहुत महत्व माना गया है। वेद और पुराणों में भी इस दिन का विशेष उल्लेख मिलता है। होली, दीपावली, दुर्गोत्सव, शिवरात्रि और अन्य कई त्योहार जहाँ विशेष कथा पर आधारित हैं, वहीं मकर संक्रांति खगोलीय घटना है, जिससे जड़ और चेतन की दशा और दिशा तय होती है। मकर संक्रांति का महत्व हिंदू धर्मावलंबियों के लिए वैसा ही है जैसे वृक्षों में पीपल, हाथियों में ऐरावत। सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश को उत्तरायण माना जाता है। इस राशि परिवर्तन के समय को ही मकर संक्रांति कहते हैं। यही एकमात्र पर्व है जिसे समूचे भारत में मनाया जाता है, चाहे इसका नाम प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग हो और इसे मनाने के तरीके भी भिन्न हों, किंतु यह बहुत ही महत्व का पर्व है।

मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा उनसे मिली थीं। इसके अलावा महाभारत काल के भीष्म पितामह ने भी अपना देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के पावन दिन का ही चयन किया था।

मकर संक्रांति पूजा मुहर्त – Makar Sankranti Worship

Makar Sankranti 2017 Nibandh Kavita Sweets

मकर संक्रांति का पर्व वर्ष 2017 में 14 जनवरी को मनाया जाएगा। संक्रांति के दिन पुण्य काल में दान देना, स्नान करना या श्राद्ध कार्य करना शुभ माना जाता है। इस साल यह शुभ मुहूर्त 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 50 मिनट से लेकर दोपहर 05 बजकर 57 मिनट तक का है।

  1. मकर संक्रांति के व्रत की संक्षिप्त विधि – इसके अनुसार सूर्य के उत्तरायण या दक्षिणायन के दिन संक्रांति व्रत करना चाहिए। संक्रांति के दिन तिल को पानी में मिलाकार स्नान करना चाहिए, अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए। इसके बाद भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  2. 2. साथ ही संक्रांति के पुण्य अवसर पर अपने पितरों का ध्यान और उन्हें तर्पण अवश्य प्रदान करना चाहिए। मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव का स्मरण करना चाहिए। इनका स्मरण करने के लिए गायत्री मंत्र के अतिरिक्त निम्न मंत्रों से भी पूजा की जा सकती है |

मकर संक्रांति मंत्र – Makar Sankranti Magic

ऊं सूर्याय नम: ऊं आदित्याय नम: ऊं सप्तार्चिषे नम:

अन्य मंत्र हैं- ऋड्मण्डलाय नम: , ऊं सवित्रे नम: , ऊं वरुणाय नम: , ऊं सप्तसप्त्ये नम: , ऊं मार्तण्डाय नम: , ऊं विष्णवे नम

मकर संक्रांति पर मिठाइयाँ – Makar Sankranti Sweets

Makar Sankranti 2017 Nibandh Kavita Sweets

मकर संक्रांति पर मुख्य रूप से तिल व गुड़ से बनाई गई मिठाइ को अच्छा मन जाता हैं | मकर संक्रांति के दिन और भी कई तरह की मिठाइयाँ बनाई जाती हैं -जैसे – तिल के लड्डू,गज़क,तिल पपड़ी आदि

मकर संक्रांति पर निबन्ध – The Essay on Makar Sankranti

मकर संक्रान्ति’ हिंदुओं का एक प्रसिद्द त्यौहार है। यह भारत के कई हिस्सों में और भी कुछ अन्य भागों में मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति आम तौर पर हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस त्यौहार को मनाया जाता है। इस त्यौहार के दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारम्भ होती है। इसलिये इस पर्व को कहीं-कहीं उत्तरायणी भी कहते हैं। मकर संक्रान्ति मुख्य रूप से ‘दान का पर्व’ है। माघ मेले का पहला स्नान मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि के आख़िरी स्नान तक चलता है। मकर संक्रान्ति के दिन स्नान के बाद दान देने की भी परम्परा है। भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में इस त्यौहार को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन खिचड़ी खाने एवं खिचड़ी दान देने का अत्यधिक महत्व होता है। पंजाब में इसे लोहड़ी के नाम से मनाया जाता हैं और बिहार में बिहू के नाम से मनाया जाता हैं | मकर संक्रान्ति के त्यौहार पर गंगा स्नान किया जाता हैं गरीबो को दान दिया जाता हैं और तिल व गुड़ से बनाई गई मिठाइयों का आनंद लिया जाता हैं | उसके बाद बड़े बूढ़े और बच्चे सब पतंग उड़ाते हैं और एक दुसरे की पतंग काटते हैं इस प्रकार मकर संक्रान्ति का त्यौहार हंसी ख़ुशी का त्यौहार हैं |

मकर संक्रांति मराठी – Marathi Makar Sankranti

मकर संक्रांत हा पौष महिन्यातील महत्त्वाचा सण, दरवर्षी १४ किंवा १५ जानेवारीला संक्रात येते. फार वर्षापुर्वी संकारसुर नावाचा एक राक्षस होता. तो लोकांना फार पीडा देई. त्याला मारण्यासाठी देवीने संक्रांतीचे रूप घेतले. या संक्रांतीदेवीने संकरासुराला ठार केले आणि लोकांना सुखी केले. या दिवशी सुर्य मकर राशित प्रवेशा करतो, त्या दिवशी उत्तरायणाला प्रारंभ होतो.
महिला व नववधू ज्या सणाची आवर्जून वाट पाहत असतात तो सण म्हणजे मकरसंक्रांत सूर्याला मकर संक्रमणावर आधारलेला एक हिंदुस्थानी सण वर्षभरात बारा राशीतुन सूर्याची चारा संक्रमणे होत असली तरी हिंदुस्थानवासियांच्या दृष्टीने मकरसंक्रमणाला म्हणजे संक्रांतीला अधिक महत्त्व आहे. कारण या संक्रमणापासुन सूर्याला उत्तरायणाला प्रारंभ होतो आणि उत्तर गोलार्धात राहणाऱ्या हिंदुस्थानवासीयांना उत्तरायणामध्ये अधिक प्रकाश व उष्णता याचा लाभ होतो.

मकर संक्रांति पर कविता – Kavita on Makar Sankranti

सूरज ने मकर राशि में दाखिल होकर
मकर संक्रांति के आने की दी खबर
ईंटों के शहर में
आज बहुत याद आया अपना घर.

गन्ने के रस के उबाल से फैलती हर तरफ
सोंधी-सोंधी वो गुड की वो महँक
कूटे जाते हुए तिल का वो संगीत
साथ देते बेसुरे कंठों का वो सुरीला गीत.

गंगा स्नान और खिचड़ी का वो स्वाद,
रंगीन पतंगों से भरा आकाश
जोश भरी “वोक्काटा” की गूँज
सर्दियों को अलविदा कहने की धूम.

अब तुम्हारा साथ ही त्यौहार जैसा लगता है
तुम्हारे आँखों की चमक दीवाली जैसी
और प्यार के रंगों में होली दिखती है
तुम्हारे गालों का वो काला तिल
जब तुम्हारे होठों के गुड की मिठास में घुलता है
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है |
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है |

मकर संक्रांति पर पुण्य का महत्व – The importance of virtue on Makar Sankranti

Makar Sankranti 2017 Nibandh Kavita Sweets

मकर संक्रांति में दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है । इसमें खिचड़ी, वस्त्र व तिल का दान किया जाता है । इसके साथ ही तिल का सेवन करने का भी विधान है। मान्यता है कि संक्रांति के दिन पवित्र सरोवर में स्नान करने से पुण्य फल की वृद्घि होती है संक्रांति के दिन गरीब भूखे ब्राह्मणों को भोजन और दान करने से मनुष्य को जीवन का उचित फल मिलता हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती हैं

Popular Topic On Rkalert

हैप्पी Makar Sankranti wishes 2017 मकर संक्रांति W... happy sankranti 2017, makar sankranti quotes, makar sankranti sms और makar sankranti wishes in Hindi...


More News Like Our Facebook Page Follow On Google+ And Alert on Twitter Handle


User Also Reading...
RRB NTPC Result 2016 IBPS Clerk Recruitment Rio Olympic 2016
JobAlert Android Apps Punjabi Video
HD Video Health Tips Funny Jokes

Must Read…

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*