December 3, 2016
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Raksha Bandhan 18 August For Rakhi Bnane Ki Widhi

Raksha Bandhan 18 August For Rakhi Bnane Ki Widhi

Raksha Bandhan 18 August For Rakhi Bnane Ki Widhi

18 अगस्त रक्षा बन्धन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

रक्षा बन्धन पर राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त
रक्षा बन्धन अनुष्ठान का समय = ०५:५५ से १४:५६
अवधि = ९ घण्टे ० मिनट्स
रक्षा बन्धन के लिये अपराह्न का मुहूर्त = १३:४२ से १४:५६
अवधि = १ घण्टा १४ मिनट्स

रक्षा बन्धन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ = १७/अगस्त/२०१६ को १६:२७ बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त = १८/अगस्त/२०१६ को १४:५६ बजे

रक्षाबंधन हमारे सनातन धर्म का सबसे खास त्योहार है। भाई की सलामती के लिए सदियों से यह त्योहार वैदिक रीति से मनाया जाता रहा है। हालांकि वक्त के साथ इसमें बदलाव आए हैं, लेकिन वैदिक रीति का अपना खास महत्व है। रक्षाबंधन की वैदिक विधि में सबसे अहम भूमिका रक्षा सूत्र यानी राखी की है।

श्रावण मास के आते ही त्योहारों का आगमन शुरू हो जाता हैं | रक्षा बन्धन भी भारत के त्योहारों में एक महत्वपूर्ण हैं जो की भाई और बहन के प्यार व रक्षा का त्योहार हैं | राखी के दिन बहन अपने भाई के हाथ के राखी बांधकर अपने भाई की लम्बी आयु की कामना करती हैं और भाई बहन को उसकी रक्षा का वचन देता हैं | साथ में बहन को वस्त्र व उपहार देता हैं | यह त्यौहार दो दिलो को एक प्रेम के धागे से बाँध देता हैं |

अपराह्न का समय रक्षा बन्धन के लिये अधिक उपयुक्त माना जाता है जो कि हिन्दु समय गणना के अनुसार दोपहर के बाद का समय है। यदि अपराह्न का समय भद्रा आदि की वजह से उपयुक्त नहीं है तो प्रदोष काल का समय भी रक्षा बन्धन के संस्कार के लिये उपयुक्त माना जाता है। भद्रा का समय रक्षा बन्धन के लिये निषिद्ध माना जाता है। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार सभी शुभ कार्यों के लिए भद्रा का त्याग किया जाना चाहिये। सभी हिन्दु ग्रन्थ और पुराण, विशेषतः व्रतराज, भद्रा समाप्त होने के पश्चात रक्षा बन्धन विधि करने की सलाह देते हैं।

रक्षा बन्धन के दिन भद्रा काल को टाल कर दोपहर बाद के समय को शुभ माना गया हैं | तो बहने ईस समय एक थाली में दीपक जलाकर और उसमे ही राखी ,मिठाई लेकर अपने घर के आंगन में ही बैठकर बहन पहले तो भाई की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाती हैं |

घर पर बनाएँ रंगबिरंगी राखियाँ

राखी का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों की चहल पहल बढ़ जाती हैं। राखी से सजे बाजारों में उमड़ी भीड़ देखकर हर किसी का मन राखी खरीदने को ललचाता रहता है। लेकिन जरूरी नहीं कि आप राखी बाजार से ही खरीदें। आपकी थोड़ी-सी मेहनत और थोड़ी-सी सृजनात्मकता से आप घर पर ही कई प्रकार की सुंदर राखियाँ बना सकती हैं। ये राखियाँ खूबसूरत तो होंगी ही साथ ही अपने आसपास के लोगों से मिलेंगी आपको खूब प्रशंसा। शास्त्रों में तो नाळ की राखी को हो महत्वपूर्ण माना गया हैं | क्योकि हमारे देश में हर शुभ कार्य में नाळ को ही महत्वपूर्ण माना हैं | इसलिए आप सर्वाधिक महत्व नाळ की राखी को ही दें और पहले यही राखी भाई के बांधे और दूसरी रखियो का इस्तेमाल बाद में करें |जिससे हमारे देश की संस्क्रती बनी रहे |

राखी बनाने की विधि

Raksha Bandhan 18 August For Rakhi Bnane Ki Widhi
हाथों से बनी राखी भाई को देती हैं प्यार
रक्षा बन्धन के दिन हर बहन अपने भाई को राखी बांधती है, लेकिन अगर कलाई पर बहन के हाथ से बनी राखी हो, तो उसमें अलग ही प्यार की खुशबू नजर आती है। भले यह राखी बाजार में बिकने वाली दूसरी राखियों की तरह उतनी खूबसूरत न हो, लेकिन इस राखी के हर एक धागे में बहन की मेहनत और भाई के लिए प्यार झलकता है।
राखी रेशम की
सामग्री :
रेशमी डोरियाँ, जरी धागा, पतला स्पंज, सितारे, मोती, रंगीन कागज, गोद अथवा फेविकोल।

बनाने की विधि :
रेशम की डोरी को पहले चोटी की तरह गूँथ लीजिए। इसके दोनों सिरों को बंद करने के लिए जरी का धागा इस पर सफाई से लपेट दीजिए। आपकी राखी का बेस तैयार है।

इस बेस पर स्पंज की पतली परत चिपकाएँ। स्पंज को उसी आकार में काटें जिस आकार में जड़ाऊ सितारे चिपकाना चाहती हैं। इसके ऊपर गोंद या फेवीकोल की सहायता से रंग-बिरंगा कागज चिपकाएँ। ऊपर से मनचाहे सितारे या मोती चिपका दें। लीजिए तैयार है रेशम की राखी। आपके प्यारे भाई के कलाई पर यह खूब सजेगी।
मोती-चावल की राखी
सामग्री :
कुछेक चावल के दाने, मोती जड़े नग, अलग-अलग कलर के कपड़े के टुकड़े, गोंद या लाई अथवा फेविकोल, रेशमी धागा।

वि‍धि :
सर्वप्रथम चावल के दानों को चार-चार की फूल वाली‍ डिजाइन में रखकर लाई या फेविकोल की सहायता से आपस में चिपका लें। उसके ऊपर मोती जड़ा नग भी चिपकाएँ। अब कपड़े को फूल के आकार में काटकर उस पर तैयार चावल की डिजाइन वाली राखी चिपका दें। कपड़े के नीचे फूँदे वाला रेशमी धागा फेविकोल की सहायता से चिपका दें। तैयार चावल की रा‍खी को अपने भाई के कलाई पर सजाएँ।

फैंसी जरी राखी

सामग्री :
जरी, गोटा, कलरफुल रेशमी धागे, मोती जड़े नग, तरह-तरह के बारीक व बड़े मोती।

विधि :
सर्वप्रथम ऊपर दी गई सारी सामग्री जुटा लें। अब रेशमी धागे में सुई की सहायता से बड़े मोती को पिरोकर उसके आसपास जरी लपेटकर दोनों तरफ छोटे मोती लगा कर गठान बाँध दें। तैयार फैंसी जरीवाली राखी से अपने ‍प्यारे भाई के कलाई को सजाएँ।

सिल्वर राखी

सामग्री :
एल्युमिनियम अथवा पीतल से निर्मित फूल, रेशमी धागा ।

विधि :
घर पर राखी बनाने के लिए बाजार में तैयार एल्युमिनियम और पीतल के साँचों में ढ़ले फूल मिलते हैं जिन पर चाँदी का पानी चढ़ा होता है। उन्हें रेशमी धागे की सहायता से गूँथ लें। तैयार सिल्वर राखी को दूर परदेस में बैठे अपने भाई के हाथों की कलाई पर सजाएँ।

क्ले की राखी
सामग्री :
रेशमी डोरी, अलग-अलग रंगों के क्ले, जरी धागा, पतला स्पंज, रंगीन कागज, गोंद अथवा फेविकोल।

विधि :
रेशमी धागों को अच्छी तरह से मरोड़ लें। फिर धागे के दोनों सिरे को मनचाहे रंग के रेशम या जरी से बाँध दीजिए। अब क्ले की सहायता से मनचाहे आकार के मोरपंख, सुंदर से फूल बनाएँ। उनको सुखाकर राखी के बेस पर पहले स्पंज व रंगीन कागज चिपकाकर लगा दें। फिर क्ले से बनाए फूल चिपका दीजिए। यह सुंदर सी राखी आपके कलाई पर खूब जँचेगी।

first of all सभी रेशम के धागे को चोटी की तरह एक साथ गूथ लें ।
अब उस धागे में सुई की help से सभी बड़े और छोटे मोती को एक एक कर के पिरोकर धागे के दोनों side से गांठ बांध दे ताकि मोती धागे से ना निकले (ध्यान रहे पहले एक बड़ा मोती फिर एक छोटा मोती कर के गुथे )।
अब घागे में पिरोये हुए मोतिओं को बराबर गिन कर दो side कर दें और बिच में कुछ जगह छोड़ दें।
अब बिच में जो जगह अपने खाली छोड़ी है उस जगह पर स्पंज की पतली परत को गोल shape में काट कर चिपका दें । (स्पंज का size आप पर depand करता है की आपको कितना बड़ा राखी चाहिए ) ।
अब स्पंज के ऊपर उसी के shape में रंगीन कागज़ को काट कर गोंद के help से चिपका दें।
अब उस कागज को आप अपने तरीके से सितारे और colorful मोतीयों से सजाएं ।
अब जिन मोतियों को आपने सबसे पहले धागा में पिरोया था उसे भी दोनों side से स्पंज के करीब ले आयें ।
राखी ready हो चूका है अब आप इसे अपने भाई के कलाई पर बाँध सकते है ।
अगर आपका भाई छोटा है तो आप इस स्पंज वाली राखी पर सितारे मोती की जगह कोई छोटा सा खिलौना जैसे की टेडी, गणेश , छोटा भीम आदि भी चपका सकते है । (ये सभी सामान आपको market में मिल जायेंगे ) ।
स्पंज के अलावा भी कई चीजो से राखियाँ बनती है । market में ऐसे कई ख़ूबसूरत सामान उपलब्ध है जिसे आप अपने घर ला कर उससे तरह तरह की राखियाँ बना सकते है ।
राखी बनाने के लिए आपको काफी कम पूंजी की जरुरत होती है |
यह एक मौसमी (seasonal) काम होता है और इसे आप आसानी से 1 महीने में काम कर के अच्छा मुनाफा कम सकते हैं |
इसे बनाने में काफी कम समय की जरुरत होती है |
अगर आप काफी ज्यादा संख्या में राखी को बनाना चाहते है तो आपको इसके लिए काम करने वाले मजदुर भी आसानी से मिल जायेंगे |
इसे बेचना काफी आसान है, आप इसे नजदीकी स्टोर या दुकान में जा कर sell कर सकते हैं |

पूंजी
राखी का business start करने के लिए आपको कोई ऑफिस या commercial space की जरुरत नहीं होगी, आप इसे घर पर ही तैयार कर सकते हैं | और जहाँ तक capital की बात है, आपको around 5,000 से ले कर 10,0000 तक की पूंजी लग सकती है, और profit margin लगभग 80 से 100 % हैं |

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