December 9, 2016
Latest News Update

महात्मा गाँधी जी के अनमोल विचार वचन और सिद्धांत

महात्मा गाँधी जी के अनमोल विचार वचन और सिद्धांत

महात्मा गांधीजी के अनमोल विचार Quotes of Mahatma Gandhi in Hindi

 महात्मा गांधीजी के अनमोल विचार Quotes of Mahatma Gandhi in Hindi

महात्मा गांधीजी के अनमोल विचार Mahatma Gandhi in Hindi

महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता व भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के सूत्रधार कहलाये। एक साधारण व्यक्ति कितना असाधारण हो सकता है इसका प्रमाण है महात्मा गांधी। ये भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। ये सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर रखी गयी थी जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को उनका जन्म दिन भारत में गांधी जयंती के रूप में और पूरे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के नाम से मनाया जाता है।
महात्मा गांधीजी के अनमोल विचार

  • महात्मा गाँधी जी के अनमोल विचार वचन और सिद्धांत 
  • विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है। 
  • अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है। 
  • शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है। 
  • आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी। 
  • जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है। 
  • केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है। 
  • विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है। 
  • पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे। 
  • व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है। 
  • ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों। 
  • मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।

टॉप महात्मा गांधीजी के अनमोल विचार  Top Mahatma Gandhi Gi Ke Anmol Vichaar

  • सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं होता।
  • विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है। 
  • कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा। 
  • क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं। 
  • पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है। किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी। 
  • अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है। 
  • निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है। 
  • यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है। 
  • जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह सबके भीतर है। 
  • गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने में। 
  • मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ। 
  • मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों के। 
  • सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है। 
  • सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो। 
  • मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन। 
  • मेरा जीवन मेरा सन्देश है। 
  • जहाँ प्रेम है वहां जीवन है। 
  • ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो। 
  • जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है। इसके बारे में सोचो- हमेशा। 
  • एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है। 
  • भगवान का कोई धर्म नहीं है। 
  • मैं किसी को भी गंदे पाँव के साथ अपने मन से नहीं गुजरने दूंगा। 
  • पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो। 
  • मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता। 
  • प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है। यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है। 
  • सात घनघोर पाप: काम के बिना धन;अंतरात्मा के बिना सुख;मानवता के बिना विज्ञान;चरित्र के बिना ज्ञान;सिद्धांत के बिना राजनीति;नैतिकता के बिना व्यापार ;त्याग के बिना पूजा। 
  • हंसी मन की गांठें बड़ी आसानी से खोल देती है। 
  • कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है। 
  • आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है। 
  • आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच वो करने में असमर्थ हो जाऊं। इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो। 
  • चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा। नहीं.-मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतुं। और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ। 
  • आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता। 
  • एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है। 
Slogan of Mahatma Gandhi in Hindi
  • स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना। 
  • आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते। 
  • मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है? 
  • किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है। 
  • प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है। 
  • पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं। 
  • राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। 
  • हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है। 
  • मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है। 
  • आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते। 
  • हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा। 
  • दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में। 
  • अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद। 
  • तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो। 
  • चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए। 
  • मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ.मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ। 
  • हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं। 
  • सत्य एक है, मार्ग कई। 
  • कुछ करने में, या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं। 
  • हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा। 
  •  जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा। 
  • क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है। 
  •  गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है । 
  • थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है। 
  • जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है। 
  • पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं। 
  • चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए। 
  • कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते मर जाना। 
Mahatma Gandhi Quotes in Hindi
  • अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है। 
  • आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं,आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं,आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं,आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं,आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती है। 
  • कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते। 
  • प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है। 
  • सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं।
    अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे। 
  • किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके लोगों के दिलों और आत्माओं में बसती है। 
  • किसी भी देश की संस्कृति उसके लोगों के ह्रदय और आत्मा में बसती है। 
  • जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता | दुःख के बिना सुख नहीं होता। 
  • यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है। 
  • अपने ज्ञान के प्रति ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है। यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है। 
  • जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो, उसे प्रेम से जीतें। 
  • कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं। 
  • वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है। 
  • व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है। 
  • अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना। 
  • काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है। 
  •  समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है। 
  • शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है। 
  • आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते है। 
  •  मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं। 
  • अहिंसात्मक युद्ध में अगर थोड़े भी मर मिटने वाले लड़ाके मिलेंगे तो वे करोड़ो की लाज रखेंगे और उनमे प्राण फूकेंगे। अगर यह मेरा स्वप्न है, तो भी यह मेरे लिए मधुर है। 
  • विश्व इतिहास में आजादी के लिए लोकतान्त्रिक संघर्ष हमसे ज्यादा वास्तविक किसी का नहीं रहा है। मैने जिस लोकतंत्र की कल्पना की है, उसकी स्थापना अहिंसा से होगी। उसमे सभी को समान स्वतंत्रता मिलेगी। हर व्यक्ति खुद का मालिक होगा। 
  • अपनी बुद्धिमता को लेकर बेहद निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं है। यह याद रखना चाहिए की ताकतवर भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान से भी बुद्धिमान गलती कर सकता है। 
  • भविष्य में क्या होगा, मै यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है। 
  • लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम बढ़ाना। 
  • भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है। 
  • प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है। इसी से गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है। 
  • गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है। 
  • जीवन की गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है। 
  • जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है। 
  • पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है। 
  • श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास। 
  • हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है। 
  • खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।

 

Popular Topic On Rkalert

महात्मा गांधी का जीवन परिचय... महात्मा गांधी का जीवन परिचय महात्मा गांधी की जीवनी:-  महात्मा गांधी  जी का बचपन  का नाम मोहनद...


More News Like Our Facebook Page Follow On Google+ And Alert on Twitter Handle


User Also Reading...
RRB NTPC Result 2016 IBPS Clerk Recruitment Rio Olympic 2016
JobAlert Android Apps Punjabi Video
HD Video Health Tips Funny Jokes

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*