How to Celebrate Mothers day History in Hindi

मातृ दिवस प्रति वर्ष मनाया जाने वाला पर्व है मातृ दिवस प्रति वर्ष माँ का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। यह एक आधुनिक समय का ही नहीं बल्लिक पूर्व में भी मनाया जाने वाला उत्सव है जो माताओं का सम्मान करने के लिए उत्तर अमेरिकासे शुरु हुआ था। यह मातृत्व को सम्मान करने के साथ बच्चों को मातृ के बारे में जानकारी देने के लिए मनाया जाता है। मातृ दिवस को मानाने से समाज में माताओं सम्मान बढता है । पूरे विश्व में विभिन्न देशों में अलग-अलग तिथियों पर हर साल मातृ दिवस मनाया जाता है भारत में मातृ दिवस प्रति वर्ष मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है।

Mother’s day date 2017

Mother’s Day will be celebrated on Sunday 14th May in India. Mother’s Day is celebrated every year on the second Sunday of May.मातृ दिवस भारत में रविवार 14 मई, को मनाया जायेगा। मातृ दिवस हर वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है।

मदर्स डे कैसे मनाया जाता है How is Mothers day celebrated

मातृ दिवस साल का एकमात्र दिन है जिसे दुनिया की सभी माँ को समर्पित किया जाता है।मातृ दिवस वर्ष का एक बहुत ही खास दिन होता है। जो लोग अपनी माँ को बहुत प्यार करते हैं और ख्याल रखते हैं वो इस खास दिन को कई तरह से मनाते हैं।भारत में इसे हर साल मई के दूसरे रविवार को देश के लगभग हर क्षेत्र में मनाया जाता है। ये अब समाज के लिये बहुत बड़ा जागरुकता कार्यक्रम बन चुका है। सभी अपने तरीके से इस उत्सव में भाग लेते हैं और इसे मनाते हैं।

मातृ दिवस कई देशों में मनाया जाता है। भारत एक महान संस्कृति और परंपराओं का देश है जहाँ लोग अपनी माँ को पहली प्राथमिकता देते हैं। इसलिये, हमारे लिये यहाँ मातृ दिवस का उत्सव बहुत मायने रखता है। ये वो दिन है जब हम अपनी माँ के प्यार, देखभाल, कड़ी मेहनत और प्रेरणादायक विचारों को महसूस करते हैं। माँ अपने बच्चों को केवल जिम्मेदार और अच्छा इंसान बनाना चाहती हैं। हमारी माँ हमारे लिये प्रेरणादायक और पथप्रदर्शक शक्ति के रुप में है जो हमें हमेशा आगे बढ़ने में और किसी भी समस्या से उभरने में मदद देती है।ईसाई धर्म से जुड़े लोग इसे अपने तरीके से मनाते हैं। अपनी माँ के सम्मान के लिये चर्च में भगवान की इस दिन खास पूजा करते हैं। अपनी माँ को खुश करने के लिये कुछ बच्चे रेडीमेड उपहार, कपड़े, पर्स, सहायक सामग्री, जेवर आदि खरीदते हैं। रात में, सभी अपने परिवार के साथ घर या रेस्टोरेंट में अच्छे पकवानों का आनन्द उठाते हैं।

मातृ दिवस का इतिहास और परम्पराएं Mother’s Day History and Traditions

प्राचीन काल में ग्रीक और रोमन के द्वारा पहली बार इसे मनाने की शुरुआत हुई थी । हालाँकि, ‘ममता रविवार’ के रुप में यूके में भी इस उत्सव को देखा गया था। अलग-अलग तारीखों पर दुनिया के लगभग 46 देशों में इसे मनाया जाता है।पूर्व में, ग्रीक के प्राचीन लोग वार्षिक वसंत ऋतु त्योहारों के खास अवसरों पर अपनी देवी माता के लिये अत्यधिक समर्पित थे।

अन्ना जारविस, यूएस में मातृ दिवस (मातृ दिवस की माँ के रुप में प्रसिद्ध) के संस्थापक के रुप में जाने जाते हैं यद्यपि वो अविवाहित महिला थी और उनको बच्चे नहीं थे। अपनी माँ के प्यार और परवरिश से वो अत्यधिक प्रेरित थी और उनकी मृत्यु के बाद दुनिया की सभी माँ को सम्मान और उनके सच्चे प्यार के प्रतीक स्वरुप एक दिन माँ को समर्पित करने के लिये कहा। आज के दिनों में, ये कई देशों में मनाया जाता है जैसे यूके, चाईना, भारत, यूएस, मेक्सिको, डेनमार्क, इटली, फिनलैण्ड, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया, कैनेडा, जापान और बेल्जियम आदि। अपनी माँ को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिये कई सारे क्रिया-कलापों को आयोजित करने के द्वारा बहुत ही उत्साह और खुशी के साथ लोग इस दिन को मनाते हैं।

विधालय में बच्चों द्वारा माँ के लिए कार्यक्रम Programs for the mother by the children in the School

माता के दिन पर एक भव्य समारोह स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों के सामने इसे मनाने के लिए आयोजित करता है ताकि वे घटना के बारे में जागरूक हो सकें और मां के महत्व को जान सकें। छोटे छात्रों की माताओं को विशेष रूप से स्कूलों में उत्सव का एक हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस दिन, प्रत्येक छात्र अपनी मां के बारे में कविता पाठ, निबंध लेखन, भाषण, नृत्य, गायन, वार्तालाप आदि के माध्यम से कुछ कहता है। वे आम तौर पर गाने गाते हैं या बच्चों के मनोरंजन के लिए नृत्य करते हैं। मां भी स्कूल में कुछ सुंदर व्यंजन लाती हैं और उत्सव के अंत में कक्षा के सभी छात्रों को समान रूप से वितरित करते हैं। बच्चे भी अपने माताओं को एक उपहार के रूप में एक हाथ से बने ग्रीटिंग कार्ड या अन्य चीज देते हैं। बच्चों को अलग-अलग तरीकों से आनंद लेने के लिए अपने माता-पिता के साथ रेस्तरां, मॉल, पार्क, आदि स्थानों पर जाते हैं।

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