December 4, 2016
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International Day of Yoga 21 June 2016 in India by Patanjali

International Day of Yoga 21 June 2016 in India by Patanjali

yog

अन्तराष्ट्रीय योग दिवस २१ जून २०१६

संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को आयोजित होने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रतिनिधित्व इस साल आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरू जग्गी वासुदेव करेंगे। इस साल इसकी थीम सतत विकास लक्ष्यों के लिए योग है
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
योग करने से पहले जरुरी प्रार्थना :
गणेश वंदना, ओम का जाप, महामृत्यंजय मंत्र एवं गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ योग करना चाहिए इसके साथ ही पंद्रह प्राणायाम कपाल भांति, अनुलोम विलोम, भस्त्रिका आदि के लाभ एवं विधियां बताई गई।

योग के प्रकार और उनसे होने वाले स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

यूं तो भारत और योग का संबंध दो हजार साल से भी ज्‍यादा पुराना है। लेकिन हाल के कुछ दशकों में इसकी लोकप्रियता तथा स्‍वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। इन दिनों सूर्य नमस्‍कार और कपालभारती जैसे आसनों की लो‍कप्रियता इतनी ज्‍यादा हो चुकी है कि इस बारे में किसी को ज्‍यादा बताने की आवश्‍यकता नहीं है।

वजन घटाने, फिट रहने, मस्तिष्‍क को स्थिर रखने तथा आंतरिक शांति के लिए लोग योग को तरजीह देते रहे हैं। दुनिया में ऐसे न जाने कितने लोग हैं जो मानसिक शुद्धता के लिए भी योग का सहारा लेते हैं। आधुनिक योग के जनक महर्षि पतंजलि ने कहा था कि योग से मस्तिष्‍क के प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा था कि योग सिर्फ एक व्‍यायाम या आसन नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक दशा है। हालांकि भारत में अभी भी कई लोग योग को अध्‍यात्‍म से जोड़कर देखते हैं।

योग पर ‘योगा फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ नाम की पुस्‍तक लिख चुके गैरी क्राफ्टसो के अनुसार यह मस्तिष्‍क, शरीर तथा आत्‍मा को स्‍वस्‍थ रखने की एक विधा है, जिसे प्राचीन काल से ही उपयोग किया जा रहा है। हालांकि मौजूदा समय में इसकी उपयोगिता का नजरिया कुछ बदल गया है।

आधुनिक समाज के कई लोग यह समझते हैं कि योग केवल अलग-अलग प्रकार के आसन लगाने की एक कला मात्र है। उन्‍होंने अपनी पुस्‍तक में लिखा है कि प्राचीन ग्रंथों में योग की उपयोगिता तथा लाभ का वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि योग से जीवन शक्ति, बुद्धि, व्यक्तित्व एवं हृदय स्‍वस्‍थ रहता है। इससे शरीर स्थिर तथा मस्तिष्‍क केंद्रित रहता है।

हालांकि, कालांतर में योग को कई प्रकारों में बांट दिया गया है। इसमें मान्‍यताओं तथा परंपराओं के आधार पर भी काफी बदलाव हुए हैं। टीचिंग ऑफ योग नाम की पुस्‍तक में लेखक जीके देवानंद ने बताया है कि कर्म योग, भक्ति योग, ज्ञान योग तथा राजयोग का इस्‍तेमाल अलग-अलग क्षेत्र के लोग अलग-अलग कार्यों के लिए करते हैं। इन सभी में आधुनिकता के मुताबिक काफी बदलाव हुए हैं।

अष्‍टांग योग के प्रकार
यम
नियम
आसन
प्राणायाम
प्रतिहार
प्रत्‍याहार
धरना
ध्‍यान
समाधि

अष्‍टांग योग से लाभ

इससे शरीर में रक्‍त संचार बढ़ता है और मस्तिष्‍क शांत रहता है
इससे क्षमता तथा लचीलापन बढ़ता है
जोड़ों को मजबूत बनाता है तथा उनकी चिकनाई को बढ़ाता है एवं मांसपेशियों को यथा आकार बनाए रखता है
वजन घटाने में मदद करता है
मानसिक स्‍पष्‍टता बढ़ाता है
आंतरिक अंगों से तनाव को बाहर निकालता है
हठ योग

यह भारतीय योग की सबसे प्राचीन विधा है। कुछ हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार भगवान शिव ने इस योग को सबसे पहले किया था। इस योग का संबंध नाड़ी से है।
हठ योग से होने वाले लाभ
शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाता है तथा टॉक्सिन्‍स को बाहर निकालता है
रीढ़ को सही रखता है
ग्रंथियों की कार्यप्रणाली को सही रखता है
तनाव दूर रखता है
आयंगर योग

इस योग का नाम इसके जनक बीकेएस आयंगर के नाम पर रखा गया है। यह हठ योग का ही एक प्रकार है। इसमें श्‍वास से जुड़े व्‍यायाम होते हैं।

आयंगर योग से होने वाले लाभ

रक्‍तचाप को घटाता है
तनाव कम करता है
गर्दन तथा पीठ का दर्द खत्‍म करता है
इम्‍यूनोडिफिएंसी में मददगार है
स्‍टेमिना, संतुलन तथा ध्‍यान केंद्रण बढ़ाता है
कुंडलिनी योग

इस योग से कुंडलिनी योग ऊर्जा को जागृत किया जाता है। कुंडलिनी ऊर्जा रीढ़ में होती है। उपनिषद में इस योग के बारे में विस्‍तार से समझाया गया है। इस प्रकार के नियमित योग से शरीर को लाभ होता है। इसमें प्राणायाम करते हुए मंत्रों के साथ आसन लगाए जाते हैं।

कुंडलिनी योग के लाभ

फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है
ब्‍लडस्‍ट्रीम को शुद्ध करता है
नर्वस सिस्‍टम को मजबूत करता है
शरीर, मस्तिष्‍क और आत्‍मा में संतुलन बढ़ाता है
पावर योग

पावर योग, अष्‍टांग योग का ही एक प्रकार है। पश्चिमी देशों से 1990 में योग का विकसित प्रकार भारत आया, जिसे पावर योग कहा गया। इसे करने में अत्‍यधिक ऊर्जा की आवश्‍यकता होती है। यह योग हर योगगुरु अपने मुताबिक कराता है। इसलिए इसका कोई तय पैटर्न नहीं है। इससे शारीरिक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ मानसिक शक्ति भी बढ़ती है।

पावर योग से होने वाले लाभ
क्षमता बढ़ती है
शरीर से अतिरिक्‍त कैलोरी और वसा घटती है
मेटाबोलिज्‍म बढ़ता है

 

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