December 7, 2016
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Desi Nuskhe or Dadi Maa Ke Ghrelu Upchar in Hindi

 Dadi Maa Ke Ghrelu Nuskhe or Desi Upchar in Hindi

Desi Nuskh or Dadi Maa Ke Ghrelu Nusk in Hindi

घरेलू नुस्‍खों के कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होते और आप आसानी से इनका प्रयोग कर सकते हैं । घरेलू नुस्खे का प्रयोग सिर्फ बीमारियों में ही नहीं बल्कि अच्‍छी सेहत के लिए भी किया जाता है। त्‍वचा की देखभाल से लेकर बालों की देखभाल तक के लिए घरेलू नुस्‍खे अपनाये जाते हैं।


अच्‍छी सेहत के लिए 7 घरेलू नुस्‍खों के बारे में जानें

1. सुपरफूड बचा सकता है ब्रेस्ट कैंसर से

प्रोबायोटिक्स को ज्यादा से ज्यादा अपने भोजन में शामिल करने से स्तन में लाभकारी बैक्टीरिया के अनुपात में वृद्धि होती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है. एक शोध में यह पता चला है. शोध में पाया गया कि लैक्टोबेसिलस और स्टपटोकोकस, जो कि स्वास्थ्यवर्धक बैक्टीरिया माने जाते हैं, कैंसरग्रस्त स्तनों की तुलना में स्वस्थ स्तनों में ज्यादा पाए जाते हैं. दोनों में एंटी-कारसिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं. इसके विपरीत स्तन कैंसर से पीड़ित महिला में एसचेरिचिया और स्टाफाइक्लोलोकोकस जिन्हें हानिकारक बैक्टीरिया माना जाता है| कैंसर को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया को निशाना बनानेवाले एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से स्तन कैंसर के प्रबंधन का एक और विकल्प मिलेगा. इस शोध के दौरान शोध दल ने 58 महिलाओं के स्तनों के ऊतकों का अध्ययन किया था जो विभिन्न किस्म के स्तन कैंसर से पीड़ित थीं, साथ ही इनमें 23 स्वस्थ महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सर्जरी के माध्यम से अपने स्तनों का आकार छोटा या बड़ा कराया था. शोधकर्ताओं ने ऊतकों में बैक्टीरिया की पहचान के लिए उनकी डीएनए श्रृंखला का प्रयोग किया|

Dadi Maa Ke Ghrelu Nusk or Desi Nuskh in Hindi


2.जननांग की खुजली दूर करें ये 9 घरेलू उपाय :

महिलाओं को अक्सर जननांग में खुजली की समस्या हो जाती है। जननांग की खुजली तब सबसे ज्यादा परेशानी पैदा करती है जब आप काम के सिलसिले में बाहर हों तथा खुजली पर नियंत्रण न कर पा रही हो।

A. महिलाओं को होती है जननांग की खुजली

जननांग में खुजली के कई कारण हो सकते हैं। इसका सबसे आम कारण मासिक धर्म के समय उपयोग में लाये जाने पैड्स में उपस्थित केमिकल्स हो सकते हैं। बहुत अधिक कसे हुए कपडे पहनने से भी योनि की खुजली की समस्या हो सकती है। सेक्स संबंध बनाने के बाद स्वच्छता की ओर ध्यान न देना भी योनि में खुजली का कारण बन सकता है।

B. बर्फ से सेंके

रात में खुजली अधिक होने पर योनि पर सीधे ही बर्फ़ लगायें या योनि को ठंडा सेंक दें। यह काम थका देने वाला हो सकता है।

C. ऐप्पल सीडर विनेगर

ऐप्पल सीडर विनेग एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल होता है। यदि जननांग की खुजली बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण है तो ऐप्पल सीडर विनेगर से उसे दूर किया जा सकता है। ऐप्पल सीडर विनेगर का लाभ उठाने के लिए दो चम्मच ऐप्पल सीडर विनेगर को गर्म पानी में मिलाएं। दो तीन दिन तक दिन में दो बार जननांग को इस मिश्रण से धोएं।

D. लहसुन

लहसुन 2-3 लहसुन की कलियाँ चबाकर खाएं। लहसुन का पेस्ट बनायें तथा जाली के एक कपड़े में इसे बांधकर योनि के अंदर लगायें। इससे दुर्गन्ध आ सकती है परंतु इससे मिलने वाला आराम बहुत आश्चर्यजनक होता है।

E.दही

जनगांग की खुजली के उपचार के लिए प्रतिदिन एक कप बिना शक्कर वाला दही खाएं। दही के उपयोग का अन्य तरीका यह है कि इसे योनि पर लगाया जाए जिससे तुरंत आराम मिलता है। सीधे दही उस स्थान पर लगाने से योनि की खुजली तुरंत बंद हो जाती है। नियमित उपयोग से समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है।

F. नमक से स्नान

नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। नमक के ये गुण खुजली तथा बैक्टीरिया को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। जब भी आपको खुजली महसूस हो तब नमक के गाढ़े घोल से जननांग को धो लें। इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा और यह बैक्टीरिया को आगे बढ़ने से भी रोकेगा।

G. तुलसी की पत्तियां

तुलसी की पत्तियों में एंटी माइक्रोबियल, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। तुलसी की कुछ पत्तियां लें तथा इसे दो कप पानी में उबालें। इसे 20 मिनिट तक भिगो कर रखें जब तक पानी गाढ़ा न हो जाए। योनि की खुजली दूर करने के लिए इस पानी को दिन में दो बार पीयें।

H.सूखा रखें जननांग

पसीने और पानी के कारण यदि योनि में नमी रहती है तो इससे उस स्थान पर बैक्टीरिया और फंगस पैदा होते हैं, जिसके कारण संक्रमण और शर्मिन्दगी पैदा करने वाली स्थिति उत्पन्न होती है। हमेशा ध्यान रखें कि संक्रमण को रोकने के लिए योनि को नमी से मुक्त रखें।

I. ढीले कपडे पहनें

यदि आपको कभी भी योनि में खुजली की समस्या हुई है तो तो आप जानेंगे कि इस समस्या को दूर रखने के लिए यह सलाह क्यों उपयुक्त है। ढीले कपड़े पहनने से आपको योनि में खुजली की समस्या नहीं होती।

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3.चक्कर आने पर आजमाएं ये 9 घरेलू उपचार

चक्कर आने पर अचानक सिर घूम जाता है। आंखों के सामने अंधेरा छाने लगता है। कुछ नजर नहीं आता। सारी धरती घूमती सी नजर आती है।

  • चक्कर आने पर किये जाने वाले घरेलू उपचार :

1.सूखी हुई लौकी को डण्ठल की तरफ से काट दें, ताकि अन्दर का खोखलापन दिखाई दे। अगर सूखा गूदा हो तो उसे निकाल दें। अब इसमें ऊपर तक पानी भर कर 12 घण्टे तक रखें फिर हिलाकर पानी निकाल कर साफ कपड़े छान लें। इस पानी को ऐसे बर्तन में भरें, जिसमें आप अपनी नाक डुबो सकें। नाक डुबोकर जोर से सांस खींचें, ताकि पानी नाक से अन्दर चढ़ जाए। पानी खींचने के बाद नाक नीची करके आराम करें। इस उपाय से चक्करआने की समस्या सदा के लिए खत्म हो जाती है।

2. चक्कर आने पर तुलसी के रस में चीनी मिलाकर सेवन करने से या तुलसी के पत्तों में शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है।

3. चक्कर आने पर धनिया पाउडर दस ग्राम तथा आंवले का पाउडर दस ग्राम लेकर एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर पी लें। इससे चक्कर आने बंद हो जाते है।

4. सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग डालकर उसे उबाल लें और फिर उस पानी को पी लें। इस पानी को पीने से लाभ मिलता है।

5. 10 ग्राम आंवला, 3 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम बताशे को पीस लें। 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करें चक्कर आना बंद हो जाएगा।

6. जिन लोगों को चक्कर आते हैं उन्हें दोपहर के भोजन के 2 घंटे पहले और शाम के नाश्ते में फलों का जूस पीना चाहिए। रोजाना जूस पीने से चक्कर आने बंद हो जाएंगे। लेकिन ध्यान रखें कि जूस में किसी प्रकार का मीठा या मसाला नहीं डालें सदा जूस पियें। जूस की जगह चाहें तो ताजे फल भी खा सकते हैं।नारियल का पानी रोज पीने से भी चक्कर आने बंद हो जाते है।

7. चाय व कॉफ़ी कम पीनी चाहिए। अधिक चाय व कॉफ़ी पीने से भी चक्कर आते हैं।

8. 20 ग्राम मुनक्का घी में सेंककर सेंधा नमक डालकर खाने से चक्कर आने बंद हो जाते है।

9. खरबूजे के बीजों को पीसकर घी में भुन लें। अब इसकी थोड़ी थोड़ी मात्रा सुबह शाम लें, इससे चक्कर आने की समस्या में बहुत लाभ होता है।

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4.रात को सोने से पहले करें इस जूस का सेवन, हो जाएगा मोटापा छूमंतर

अगर आप चाहते है कि आपका मोटापा तेजी से घटे तो हम आपको अपनी खबर में एक ऐसे जूस के बारें में बता कहे है। जिसका सेवन रात के समय करने से आपको जल्द ही मोटापा से निजात मिल जाएगा। इस जूस को बनाने के लिए आपको किसी स्पेशल चीज की जरुरत नहीं होती है। यह सब चीजें आपके घर में आसानी से मिल जाएगी।

ऐसें बनाएं जूस

सामग्री

1 नींबू कटा हुआ

2. 1 ग्लास पानी

3. 1 खीरा

4. 1 चम्म्च पिसा हुआ अदरक

5.1 चम्मच एलोवेरा जूस

6. थोड़ा हरा धनिया

ऐसें बनाएं जूस –  सबसे पहले इन चीजों को लेकर ग्राइडर में डालकर अच्छी तरह से पीस लें। फिर इसे रात को सोने से पहले पीएं। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते है जो रात को लेने से आपके शरीर से फैट को कम करता है। जिससे आपका मोटापा कम होता है।इसके अलावा यह जूस आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को गति देगा और और जिस समय आप नींद में होंगे आपका मेटाबॉलिज्म सक्रिय होकर मोटापा कम करने में सहायक होगा। रोज इस जूस का सेवन कुछ ही दिनों में आपको मोटापे से निजात दिला देगा। खास तौर से पेट की चर्बी को कम करने में यह बेहद काम की चीज है। इसलिए इसका सेवन रोज करें।

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5.सिर्फ 50 रुपये में गले के कैंसर का इलाज, 

आम तौर पर मिलने वाले गले के प्रोस्थेसीस की किमत १५००० रुपये से लेकर ३०००० रुपये होती है और उन्हें हर ६ महीने के बाद बदलना पड़ता है। लेकीन डॉ. राव के प्रोस्थेसीस की किमत सिर्फ ५० रुपये हैडॉ. विशाल राव वोइस प्रोस्थेसीस उपकरण सिलिकॉन से बना है। जब मरीज का पूरा वोइस बॉक्स या कंठनली (larynx) निकाला जाता है तब ये यंत्र उन्हें बोलने में मदत करता है। सर्जरी के दौरान या उसके बाद विंड-पाइप और फ़ूड– पाइप को अलग करके थोड़ी जगह बनायी जाती है। ये यंत्र तब वहा बिठाया जाता है। डॉ. राव ने समझाया कि फेफड़ो से आनेवाली हवा से वौइस् बॉक्स में तरंगे उत्सर्जित होती है। प्रोस्थेसीस की मदत से फ़ूड पाइप में कंपन (वाइब्रेशन) पैदा होती है जिससे बोलने में मदद मिलती है।

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6. मोटापे का काल है जीरा और निम्बू का ये प्रयोग।

हर शाम को एक चम्मच जीरा साफ़ पीने के पानी में भिगो कर रख दीजिये। सुबह खाली पेट ये जीरा चबा चबा कर खा लीजिये और इस बचे हुए पानी को चाय की तरह गर्म करें और इसमें आधा निम्बू निचोड़ कर इसमें एक चम्मच शहद मिला कर इस पेय के घूँट घूँट कर चाय की तरह पियें। जीरा शरीर में हमारे द्वारा ग्रहण की गयी वसा को शरीर में अवशोषित नहीं होने देता। और गर्म पानी में निम्बू शरीर में जमी हुयी चर्बी को काटता है। इस कारण से प्रयोग मोटापे के लिए चमत्कार है।

इस प्रयोग के करते समय आप नाश्ता ना करें। नहीं तो मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलेगा। सुबह ये पीने के बाद सीधे दोपहर का खाना खाएं। और खाने के पहले एक प्लेट सलाड खाएं। और भोजन में हरी सब्जियों का प्रयोग करें। और रात को भी सोने से 2-3 घंटे पहले भोजन कर लें। दोपहर और रात के भोजन के तुरंत बाद एक गिलास गर्म पानी चाय की तरह आधा नीम्बू निचोड़ कर पीयें। भोजन के साथ ठंडा पानी बिलकुल नहीं पीना।

परहेज

  • मैदे से बानी हुयी वस्तुओ से परहेज करें।
  • मीठा और चीनी मोटापे में ज़हर के समान हैं।

-अनाज भी चोकर वाला (आटे को छानने से जो कचरा निकालते हैं वो चोकर होता है उसको मत निकाले) इस्तेमाल करें। -फलों का जूस पीने की बजाय फल खाने चाहिए, इससे फाइबर भी मिल जाता है और जल्दी भूख नहीं लगती।

-विशेषकर पश्चिमोत्तनासन, कपाल भाति और हो सके तो रनिंग या जॉगिंग ज़रूर करें। एक महीने में ही रिजल्ट मिल जायेगा।
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7.बांझपन दूर कर गर्भ धारण करने के नुस्खे

  • कस्तूरी 2 रत्ती, अफीम, केसर, जायफल प्रत्येक एक एक ग्राम भांग के पत्ते 250 मिलीग्राम तथा पुराना गुड़, सफेद कत्था प्रत्येक छह ग्राम, सुपारी गुजराती 3 नग एवं लौंग 4 नग लें।
  • सभी औषधियों को कूट छानकर जंगली बेर के समान 10 गोलियाँ बनाकर मासिकधर्म के पश्चात् एक एक गोली सुबह शाम 5 दिन खिलायें। इस योग के प्रयोग से 40-50 वर्ष की स्त्री (जिसे मासिक आ रहा हो) का भी बांझपन रोग दूर होकर गर्भ ठहर जाया करता है। यदि प्रथम मास के प्रयोग से गर्भ न ठहरे तो यह प्रयोग जब तक गर्भ न ठहरे दूसरे या तीसरे मास तक कर सकते है।
  • मोर के पंख के बीच वाले भाग (गहरा नीला) 9 नग लेकर गरम तवे पर भूनकर, बारीक पीसकर पुराने गुड़ में खूब मिलाकर नौ गोलियाँ बना लें। मासिक धर्म आने के दिनों में प्रतिदिन एक गोली 9 दिनों तक प्रातः सूर्योदय से पूर्व, दूध के साथ सेवन करायें। इसके पश्चात् दम्पत्ति सहवास करें तो निश्चित गर्भ ठहर जायेगा। यदि प्रयोग प्रथम मास में असफल रहे तो पुनः दूसरे या तीसरे मास प्रयोग करें।
  • मासिकधर्म के पश्चात् प्रतिदिन 8 दिनों तक असली नागेश्वर का चूर्ण 3-3 ग्राम गाय के घी में मिलाकर सेवन करने से मात्र पहले या दूसरे महीने में ही अवश्य गर्भ ठहर जाता है। औषधि का सेवन प्रतिदिन दो बार सुबह शाम करायें।
  • शिवलिंगी के बीज, नागौरी असगन्ध, असली नागकेशर, मुलहठी, कमलकेसर, असली वंशलोचन प्रत्येक 10-10 ग्राम, मिश्री 100 ग्राम लें। सभी औषधियों को कूट-पीसकर चूर्ण बनायें।
  • मासिकधर्म के पश्चात् प्रतिदिन सुबह, दोपहर, शाम 6-6 ग्राम की मात्रा में बछड़े वाली गाय के दूध के साथ प्रयोग करने से तथा स्त्री पुरूष का एक माह पूर्व से ब्रह्मचर्य का पालन करने तथा औषधि प्रयोग के 12वीं रात्रि सहवास करने से अवश्य गर्भ रहता है। एक माह में एक बार ही सहवास करें। अधिक से अधिक चार माह के प्रयोग से ही अवश्य गर्भ ठहर जाता है

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