गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त पूजा आरती व्रत विधि कि पूरी जानकारी आप भी जान ले

गणेश चतुर्थी कब है?

इस साल गणेश चतुर्थी २५ अगस्त २०१७ को धूमधाम से मनाई जाएगी | भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था | इसी लिए हर साल भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश जन्म उत्सव मनाया जाता हैं |

भगवान गणेश जन्म कि कहानी / गणेश चतुर्थी कि पूरी जानकारी

हिन्दू समाज में कोइ भी शुभ कार्य करते हैं तो सबसे पहले गणेश जी कि पूजा कि जाती है | कहाः जाता है| कि हिन्दू धर्म में गणपति बप्पा मोर्य / गणेशजी कि पूजा किये बिना कोइ भी कार्य करना संभव नही हैं | ये माना जाता हैं कि गणेश जी सभी देवो के पहले पूजा कि जाने वाला देवता हैं | भगवान शिव शंकर के पुत्र के रुप में भी गणेश जी को जाना जाता हैं |

गणेश जी का जन्म के बारे में कहा जाता हैं | कि गणेश जी का जन्म माता पार्वती एक दिन स्नान कर रही थी तब माता पारवती को एक चोकीदार कि जरूरत हुई थी तब पार्वती जी ने एक पुतला तेयार किया और उस पुतले को गणेश जी नाम दिया और चोकिदारी करवाने लगी और स्नान करने लगी थी | तभी गणेश जी चोकिदारी कर रहे थे

अचानक भगवन शिव शंकर आ जाते हैं | और सीधे ही जाने लगते हैं | तो उस समय गणेश जी ने रोक लिया तब शिवजी जाने लगे लेकिन गणेश जी नहीं जाने दिया फिर क्या था शिव जी गुसे में और गणेश जी भी गुसे में दोनों में भयंकर युद्ध हुवा | तो शंकर जी ने गणेश जी कि गर्दन को अपने त्रिशूल से उड़ा दिया और महल के अंदर प्रवेश किया तो पार्वती जी ने देखा और पूछाः तो बताया कि गणेश जी का वध कर दिया गया |

उस समय पार्वती जी नाराज हो गईं और गणेश जी को जीवित करने के लिए बोली तब शिव जी ने कहा पहले जो भी जिव जंतु मिले उसकी गर्दन ले आवो तब सबसे पहले एक हाथी मिला और और उसकी गर्दन काट कर गणेश जी को लगा दी गयी थी तब से गणेश जी को गजानंद कहा जाता हैं |

गणेश चतुर्थी गणपति बप्पा कि पूजा विधि

गणपति बप्पा की मूर्ति को घर में स्थापित करने के बाद विघ्नहर्ता की पूजा शुरू की जाती है, एक बात हमेशा याद रखें और वो ये है कि बप्पा की मूर्ति लाने से पहले घर में अगरबत्‍ती और धूप, आरती थाली, सुपारी, पान के पत्‍ते और मूर्ति पर डालने के लिए कपड़ा, चंदन के लिए अलग से कपड़ा और चंदन आदि चीजें तैयार रखें.

भगवान गणेश की गणेश-चतुर्थी के दिन आप सामान्य तोर पर सोलह उपचारों से वैदिक मन्त्रों के का जाप करे और इस जाप को षोडशोपचार पूजा कहते हैं। तथा इसको विनायक-चतुर्थी पूजा के नाम से भी जाना जाता है।

भगवान गणेश जी कि पूजा आप कोइ भी समय कर सकते हैं | लेकिन पूजा विधि के अनुसार गणेश जी कि पूजा का शुभ मुहर्त मध्याह्न का समय सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

.पूजा के लिए जरूरी सामग्री – गणपति की मूर्ति को घर में स्‍थापित करने के समय सभी विधि विधान के अलावा जिन सामग्री की जरूरत होती है, वो इस प्रकार हैं। जैसे लाल फूल, दूर्वा, मोदक, नारियल, लाल चंदन, धूप और अगरबत्‍ती।

पूजा शुरू करने से पहले आरती की थाली में अगरबत्‍ती-धूप जलाएं, इसके बाद थाली में पान के पत्ते और सुपारी रखें. ऐसा करते समय ‘ ऊं गं गणपतये नम:’ का जाप करते रहें, अगर आप ये सब पुजारी जी से करा रहे हैं तो उन्हें दक्षिणा भी अर्पित करें. गौर करने वाली बात ये है कि जो भी भक्त चर्तुथी से पूर्व ही बप्पा की मूर्ति घर ला रहे हैं उन्हें मूर्ति को कपड़े से ढककर लाना चाहिए और जिस दिन मूर्ति स्थापना करें उस समय ही कपड़ा हटाएं.

गणेश चतुर्थी के दिन ब्रह्म मूहर्त में उठकर स्नान आदि से शुद्ध होकर शुद्ध कपड़े पहनें। आज के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना अति शुभ होता है। गणपति का पूजन शुद्ध आसन पर बैठकर अपना मुख पूर्व अथवा उत्तर दिशा की तरफ करके करें।

.पंचामृत से श्री गणेश को स्नान कराएं तत्पश्चात केसरिया चंदन, अक्षत, दूर्वा अर्पित कर कपूर जलाकर उनकी पूजा और आरती करें। उनको मोदक के लड्डू अर्पित करें। उन्हें रक्तवर्ण के पुष्प विशेष प्रिय हैं। श्री गणेश जी का श्री स्वरूप ईशाण कोण में स्थापित करें और उनका श्री मुख पश्चिम की ओर रहे।

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश जी की पूजा के लिए विशेष सामाग्री

गणपति जी की पूजा करने से पूर्व आपके लिए ये जानना जरूरी है कि घर में बप्पा की मूर्ति स्थापित करते वक्त आपको लाल फूल, दूर्वा, मोदक,नारियल, लाल चंदन, धूप और अगरबत्ती.

विनायक चतुर्थी व्रत विधि

श्री गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन हुआ था. इसलिये इनके जन्म दिवस को व्रत कर श्री गणेश जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है. जिस वर्ष में यह व्रत रविवार और मंगलवार के दिन का होता है. उस वर्ष में इस व्रत को महाचतुर्थी व्रत कहा जाता है.

श्री गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी .
श्री गणेश जी की आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी .

श्री गणेश जी की आरती Full HD Video MP3 MP4 Download

दोस्तों आपको ये गणेश चतुर्थी पर कि गयी पोस्ट केसी लगी आप कमेन्ट में बता सकते हो तथा इस पोस्ट को फेसबुक और WhatsApp Share जरुर करे धन्यवाद

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